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हर हर महादेव 🙏🙏

  हे महादेव शिव , शंकर भोला , घट - घट वासी , देव तहीं I सुशरण अविनाशी , नील कंठ तँय , देव दनुज के , नेंव तहीं I हे मन बलहारी , महाकाल तँय , सबके दुख के , काट तहीं I   वय गुनग्राही तँय , आदी अनुपा , भूप उमापति , भाट तहीं II     हे तांडव रनता , मुक्तिमाल प्रभु , अंग लपेटे , खाल पटा I विश्वेश्वर गिरिवर , डमरू धारी , तोर मूड़ भर , जाल जटा I हे देवेश्वर प्रभु , जय हो जय हो , अजर अटल तँय , कल्प महा I औघड़ अवदूता , सर्वेश्वर तँय , तोर दरश ले , दुष्ट ढहा II   हे धुनी रमइया , ज्ञान गम्य निधि , चन्द्र भाल मा , गजब फभे I मिलथे वरदानी , कंरताल ले , हर - हर के कर , जाप तभे I   हे भुजंग भूषण , हिरन्यरेता , हवि गिरिश्वर , महा बला I   अज सोम सदाशिव , तोर कृपा ले , कतको संकट , जाय टला II   हे व्योमकेश मृड , खंडपरशु हवि , त्रयीमूर्ति प्रभु , नाथ तहीं I तँय सात्विक शाश्वत , पशुपति देवा , देथस सब ला , साथ तहीं I हे अनंत तारक , परमेश्वर भव , मृत्युंजय के , जाप तहीं I जग शंभु जगत गुरु , हे शशिशेखर , दुष्टन मन बर , श्रा...

नाचा

  नाचा के नाँव सुनते ही परी , जनाना अउ जोक्कड़ वाले तीन पात्र मन याद आथे जेन मन रात भर मनखे मन ल बाँध के रखय I नाच शुरु होय के पहिली उँकर मन के गाये वो गणपति वंदना मन ल हिलोर के रख दय--गाइये हो गणपति जगबन्दन शंकर सुअन भवानी जी के नंदन , पति जगबन्दन हो , पति जगबन्दन हो , गाइये हो गणपति जगबंदन I दफड़ा , दमउ , गुदुम , मोंहरी , मंजीरा , तासक ले गदक के जब संगीत ह निकलय तब वंदना के संग जोक्कड़ अउ परी के नचई ल देख मनखे मन के रोम-रोम गदगद हो जाय I उँकर बाद परी के शायरी मार-मार के नचई अउ लोगन मन अपन मनपसंद गाना के फरमाइश करें बर परी ल टार्च मारके , कोनों सीटी बजा के नइते माचिस जला के अपन तीर बुलावँय अउ मोंजरा माने पैसा देवय I परी ह जब मंच मा जाय तब एक ठिक ओकर तकिया कलाम राहय , अई बड़ नीक लागिस मोला ये चैतु के गोठ ह या , पासे मा बुलाके मोला दिस हे दू के नोट या , दूसर परी काहय अउ काय किहिस , अई ओकर फरमाइश एक गाना हे या , नचई गवई के संग गम्मत के मजा लोगन के सिर चढ़के बोलय I ते पाँय के कुछ मनखे मन मंच मेर जाके तको नोट ला फेंकय I नाचा कलाकार मन के भाव भंगिमा देखते ही बनय , जोक्क...